रत्न प्राकृतिक पत्थर होते हैं जो विशेष ग्रहों की ऊर्जा को धारण करते हैं।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार सही रत्न धारण करने से
ग्रहों के शुभ प्रभाव बढ़ते हैं और अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
रत्न का उद्देश्य दिखावा नहीं, बल्कि
ऊर्जा संतुलन, आत्मविश्वास और जीवन में स्थिरता लाना है।